आज सर्वार्थसिद्धि योग के साथ सोम-मंगल पुष्य नक्षत्र, मांगलिक कार्य व क्रय-विक्रय का महासंयोग

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भोपाल। भोपाल मां चामुण्डा दरबार के पुजारी गुरु पं. रामजीवन दुबे एवं ज्योतिषाचार्य विनोद रावत ने बताया कि कार्तिक कृष्ण पक्ष अहोई एवं राधा अष्टमी सोमवार 21 अक्टूबर को पुष्य नक्षत्र सर्वार्थसिद्धि योग के साथ रहेगा। पुष्य नक्षत्र को 27 नक्षत्रों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। भगवान श्रीराम का जन्म नक्षत्र है। भगवान राम के इष्टदेव शिव रहे, सोमवार का दिन शिवजी का है। पुष्य नक्षत्र का स्वामी चन्द्र है। चन्द्रवार भी सोमवार को कहा जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार 21 अक्टूबर को दोपहर 01 बजकर 39 मिनट से 22 अक्टूबर दोपहर 3 बजकर 38 मिनट तक पुष्य नक्षत्र रहेगा। धनतेरस दिवाली के पहले दो दिन पुष्य नक्षत्र होने से इसका महत्व कई गुना अधिक बढ़ गया है।
दोनों ही दिन बड़े शुभ रहेंगे : दोनों ही दिन आप गाड़ी, मकान, दुकान, कपड़े, सोना, बर्तन, जमीन व भवन, बहीखाता, इलेक्ट्रोनिक सामान खरीद सकते हैं। इस दौरान की गई खरीदारी शुभ रहेगी। इस दौरान की गई खरीदारी बरकत देने वाली होती है। 21 अक्टूबर को सोम पुष्य नक्षत्र है और इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग भी है। सोम पुष्य नक्षत्र पर सोना, चांदी व अन्य कीमती धातुओं व वस्तुओं की खरीदी करना शुभ होता है। यह माना जाता है कि इस दिन सोना खरीदने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
22 अक्टूबर को मंगल पुष्य नक्षत्र है। इस दिन सुबह 10 बजकर 55 मिनट तक साध्य योग और इसके बाद शुभ योग प्रारंभ होगा। मंगल के दिन पुष्य योग में भूमि, मकान, वाहन खरीदना शुभ होता है।
तिथि, वार, नक्षत्र और ग्रहों की विशेष स्थिति : 22 अक्टूबर, मंगलवार को पुष्य नक्षत्र होने से वर्धमान नाम का शुभ योग बन रहा है। इसके साथ ही सूर्य-चंद्रमा साध्य योग भी बना रहे हैं। वहीं इस दिन शाम को सर्वार्थसिद्धि योग बनेगा जो कि अगले दिन सूर्योदय तक रहेगा। इसके अलावा चंद्रमा पर बृहस्पति की दृष्टि पडऩे से गजकेसरी नाम का राजयोग भी बन रहा है। इस तरह तिथि, वार, नक्षत्र और ग्रहों की विशेष स्थिति के कारण दिनभर में 4 शुभ योग बनेंगे।
बाजारों में रौनक बढ़ेगी। दुकानों पर मां लक्ष्मी जी की कृपा बरसेगी।
चौघडिय़ानुसार : सोमवार-दिन में-1.39 से 3.00 चर, 3.00 से 4.30 तक लाभ, शाम-4.30 से 6.00 तक अमृत, 6.00 से 7.30 रात्रि चर। गोधूलि सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त।
मंगलवार-सुबह 9.00 से 10.30 चर, सुबह 10.30 से 12.00 लाभ, दोपहर 12.00 से 1.30 अमृत।
स्थिर लगन : सोमवार-दोपहर 2.27 से 4.00 कुंभ, शाम 7.11 से 9.10 तक वृषभ लगन रहेगी।
स्थिर लगन : मंगलवार-सुबह 8.15 से 10.31 वृश्चिक, दोपहर 2.23 से 3.38 तक कुंभ लगन रहेगी।

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