खुशखबरी : 50 लाख सरकारी कर्मचारियों व 62 लाख पेंशनरों को केन्द्र ने दिया दीवाली का तोहफा

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नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए दिवाली के तोहफे के रूप में उनके महंगाई भत्ते में अब तक की गई सबसे अधिक बढ़ोत्तरी करके दिया है। बुधवार को केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (डीए) में 5 प्रतिशत बढ़ाने को मंजूरी दे दी। मतलब कि अब 12 प्रतिशत के बदले बढ़कर 17 प्रतिशत हो गया है। बढ़ाए गए 5 प्रतिशत का फायदा 50 लाख सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ 62 लाख पेंशनरों को होगा। बुधवार को कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा यह डीए में अब तक की सबसे ज्यादा बढ़ोतरी है। यह कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए दिवाली का तोहफा है। यह 5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी जुलाई माह से लागू की जाएगी। मतलब कि कर्मचारियों और पेंशनरों को 3 महीने का एरियर मिलेगा। डीए में बढ़ोतरी पर सरकार 16 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी।
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले
* केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने बताया कि कैबिनेट ने आशा कर्मचारियों का भत्ता भी बढ़ा दिया गया है इसे 1000 रुपए से बढ़ाकर 2000 हजार रुपए करने की मंजूरी भी दी गई है।
* पीएम-किसान योजना के तहत 6,000 रुपए का फायदा लेने के लिए आधार नंबर लिंक करने की समय सीमा बढ़ाकर 30 नवंबर करने का फैसला किया गया।
कश्मीर से विस्थापित 5,300 परिवारों को मिलेंगे 5.5 लाख रुपए
केंद्र सरकार ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से विस्थापित होकर भारत के कई राज्यों में आ बसे 5300 कश्मीरी परिवारों को भी दिवाली का तोहफा दिया है. अब इन परिवारों को केंद्र की ओर से साढ़े 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि ये कश्मीर में बस सकें. जिसकी मांग काफी लंबे समय से उठ रही थी।
इन 5300 परिवारों का नाम शुरुआत में विस्थापितों की लिस्ट में शामिल नहीं था, लेकिन अब सरकार ने फैसला लिया है कि इनका नाम लिस्ट में भी शामिल किया जाएगा और आर्थिक सहायता दी जाएगी।
बता दें कि इन 5300 परिवारों में तीन तरह के परिवार शामिल हैं, इनमें कुछ परिवार 1947 में बंटवारे के वक्त आए, कुछ कश्मीर के विलय के बाद और कुछ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से भारत में आए थे. ये परिवार कश्मीर से अलग राज्य में भी बस गए थे। 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने च्वज्ञ से आए इन लोगों के लिए 5.5 लाख रुपये देने का ऐलान किया था, लेकिन तब इन 5300 परिवारों को लाभ नहीं मिल पाया था. जो अब केंद्रीय कैबिनेट ने इन परिवारों को भी ये सहायता राशि देनी की मंजूरी दे दी है. सरकार की ओर से ये राशि इन परिवारों को अपने घर बसाने के लिए दी जा रही है।
कौन हैं ये परिवार?
ये 5300 परिवार वो हैं जो बंटवारे के बाद या कश्मीर के विलय के बाद पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को छोड़कर हिंदुस्तान आ गए थे। लेकिन तब ये कश्मीर में ना रुककर देश के अन्य हिस्सों में बस गए थे, हालांकि बाद में ये दोबारा जम्मू-कश्मीर में जा बसे। यही कारण रहा था कि इनके पास कोई अधिकार नहीं था और कोई सरकारी लाभ इन्हें नहीं मिल सका। आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में पहले वही नागरिक वोट दे सकते थे या फिर चुनाव लड़ सकते थे, जो वहां के मूल नागरिक थे। यानी बंटवारे के बाद जो लोग जम्मू-कश्मीर में आकर बसे थे उन्हें वोटिंग का अधिकार नहीं था, इसके अलावा कुछ जाति के लोगों को भी ये अधिकार नहीं थे। हालांकि, केंद्र सरकार के द्वारा अनुच्छेद 370 हटाने के बाद ये नियम निष्प्रभावी हो गए थे। अब इन 5300 परिवारों को भी ये लाभ मिलने जा रहा है, जिसकी शुरुआत पुर्ननिवास भत्ते के साथ हुई है।

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