रियल स्टेट कारोबारियों को राहत, दो हेक्टेयर से कम जमीन पर भी बन सकेंगी कॉलोनी

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भोपाल। जिन रियल एस्टेट करोबारियों के लिए के पास 2 हेक्टेयर से कम जमीन खाली पड़ी थी और वे सोच रहे थे कि इसका उपयोग कैसे किया जाए उनके लिए कैबिनेट की बैठक में राहत भरा बदलाव किया है जिसके चलते अब वे इस खाली पड़ी भूमि पर भी काॅलोनी का निर्माण कर सकेंगे। शनिवार को हुई कैबिनेट की बैठक में आवास नीति-2007 में बदलाव को मंजूरी दे दी गई। रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ी राहत देते हुए कैबिनेट ने कॉलोनी बनाने के लिए दो हेक्टेयर जमीन की बाध्यता खत्म कर दी है। जिसके चलते अब प्लानिंग एरिया में अब 2 हेक्टेयर से भी कम भूमि पर कॉलोनी विकसित करने का रास्ता साफ हो गया है। इस बदलाव के पूर्व पहले कॉलोनी के लिए जमीन सीमा 8 से 10 हेक्टेयर थी। नीति में बदलाव का फायदा उन बड़े-छोटे कॉलोनाइजर्स को होगा, जिनके पास 2 हेक्टेयर जमीन का हिस्सा खाली पड़ा है। इसके अलावा, न्यूनतम दो हेक्टेयर भूमि के उपयोग के बाद जो हिस्सा खाली बचता था, उस पर बाद में अवैध कॉलोनियां बन जाती थीं। नए बदलाव से इस पर रोक लगेगी।
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले
जबलपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण को अतिरिक्त जमीन (14.47 हेक्टेयर) दिए जाने का फैसला। यह जमीन निशुल्क दी जाएगी।
मेडिकल कॉलेजों में उपकरण खरीदे जाने के लिए स्वीकृति।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन भुगतान के लिए जिलों को 550 करोड़ 2 लाख रुपए की राशि स्वीकृत करने का निर्णय। इससे सामाजिक सुरक्षा के तहत पेंशन पाने वालों को दीपावली के पहले भुगतान किया जा सकेगा।
पान उत्पादकों को निस्तार दर पर बांस उपलब्ध कराया जाएगा।
भारतीय पुलिस सेवा (संवर्ग) नियम के अनुसार 31 अक्टूबर 2019 तक की अवधि के लिए पुलिस महानिदेशक ग्रेड में एक पद निर्मित करने का निर्णय किए जाने को मंजूरी।
संविदा आधार पर निरंतर किए गए कोर्ट मैनेजर का कार्यकाल 31 मार्च 2020 तक अथवा नियमित कोर्ट मैनेजर के पदों पर भर्ती होने तक, जो भी पहले हो, इस शर्त के साथ अंतिम बार निरंतर करने का निर्णय लिया गया।
मुंबई स्थित मध्यालोक भवन का संचालन मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम को सौंपे जाने का फैसला।
ब्रांड्स देंगे होटल, रिसॉर्ट और हेरिटेज होटल खोलने के लिए अनुदान
पर्यटन के क्षेत्र में होटल, रिसॉर्ट और हेरिटेज होटल खोले जाने के लिए बड़े अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय ब्रांड्स को आकर्षित किया जाएगा। इसके लिए कैबिनेट ने ब्रांडेड होटल प्रोत्साहन नीति-2019 को मंजूरी दी।
इसके तहत होटल, रिसॉर्ट और हेरिटेज होटल खोले जाने के लिए बड़े ब्रांड्स को अनुदान दिया जाएगा। ब्रांड्स को प्रदेश में स्थापित होने वाली संभावनाओं को देखते हुए तीन कैटेगरी बनाई गई हैं, ब्रांड होटल, ब्रांड रिसॉर्ट और ब्रांड हेरिटेज होटल।
सरकार का अनुमान है कि इस नीति से प्रदेश में अगले 5 वर्षों में ब्रांड होटल में कम से कम 1000 लग्जरी और विश्व स्तरीय नवीन कक्ष स्थापित हो सकेंगे। न्यूनतम 100 करोड़ रुपए अथवा उससे अधिक के निवेश से नवीन ब्रांड होटल की स्थापना पर उनके द्वारा होटल कक्षों के किराए से प्राप्त वार्षिक टर्नओवर पर नीति के अंतर्गत 3 वर्ष तक 20 से 30 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। अनुदान की अधिकतम सीमा 3 करोड़ रुपए होगी।
इसी प्रकार, ब्रांड रिसॉर्ट एवं ब्रांड हेरिटेज होटल को 3 वर्षों तक प्रतिवर्ष 2 करोड़ रुपए तक संचालन अनुदान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने साफ कर दिया गया कि प्रदेश में खुलने वाले इन होटलों में 70 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को दिया जाए।
जंगल से लगे रिसॉर्ट में खुल सकेंगे बार
प्रदेश के वन क्षेत्रों में पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए रिसॉर्ट में बार खोले जाने के लिए सरकार ने नियम सरल किए हैं। अब जंगल रिसॉर्ट में भी बार खुल सकेंगे। राज्य के राष्ट्रीय उद्यानों और वन अभयारण्य की 20 किमी की सीमा में रिसॉर्ट बार खोलने वालों को राहत दी जाएगी। पहले रिसॉर्ट में बार खोले जाने के लिए 10 कमरों की जरूरत होती थी, अब 5 कमरों का होना जरूरी होगा। न्यूनतम क्षेत्र 2 हेक्टेयर से घटाकर 1 एकड़ कर दिया गया है। वन्य क्षेत्रों में स्थित रिसॉर्ट बार के लिए लाइसेंस फीस 5 कमरे के लिए 50 हजार रुपए, 6 से 10 कमरे के लिए 1 लाख और 10 से अधिक कमरे वाले रिसॉर्ट के लिए 1.50 लाख रुपए तय की गई है।

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