नई शराब नीति : बार लाइसेंस के लिए अब नहीं होगी 5 लाख की बाध्यता

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भोपाल। शनिवार को हुई मध्यप्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। जिनमें बार लाइसेंस शुल्क में कटौती, काॅलोनी निर्माण सम्बंधी भूमि बाध्यता सहित प्रदेश में नई शराब नीति लागू करने को मंजूरी दे दी गई है। इसमें बार लाइसेंस के लिए 5 लाख की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है।
कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने बताया कि पर्यटन और होटल व्यवसाय को बढ़ावा देने के चलते नई प्रोत्साहन नीति लागू करने को मंजूरी दी गई है। इसमें होटल, रिसोर्ट और हेरिटेज होटल की स्थापना के लिए देश और विदेश के ब्रांड को मध्य प्रदेश में आकर्षित करने के लिए अनुदान दिया जाएगा। शहरों में बनने वाली कॉलोनी के लिए 2 हेक्टेयर जमीन की बाध्यता खत्म कर दी गई है।
दीवाली से पूर्व विधवा पेंशन का भुगतान
कैबिनेट ने विधवा पेंशन का भुगतान दीवाली के पहले करने का निर्णय लिया है। जबलपुर एयरपोर्ट के लिए जमीन देने का फैसला किया गया है। मुंबई के मध्य लोक भवन को पर्यटन विभाग को सौंपा जाएगा। नेशनल पार्क और वन्य क्षेत्रों के पास कम कमरे में भी रिसोर्ट पर बार चलाने की अनुमति दी गई है। अब तक वन्य क्षेत्रों के रिसोर्ट में बार लाइसेंस के लिए 25 कमरों की शर्त थी, इसे कम किया जा गया है।
पर्यटन व होटल व्यवसाय को बढ़ावा देगी सरकार
राज्य में पर्यटन और होटल व्यवसाय के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार होटल, रिसोर्ट और हेरिटेज होटल बनाने के लिए दुनिया के नामी-गिरामी ब्रांड को आकर्षित किया जाएगा। इसके लिए सरकार अनुदान भी देगी। इसे लेकर आईटीसी कंपनी प्रदेश में होटल के क्षेत्र में निवेश को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ बैठक कर चुकी है। वहीं, नेशनल और स्टेट हाईवे के किनारे सुविधा केंद्रों की स्थापना और संचालन के नियमों में भी बदलाव करके निजी क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जाएगा।

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