डीएसओ पर लटकी कार्यवाही की तलवार, जिला पूर्ति निरीक्षक निलंबित  

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डीएम  की जांच में दोषी पाये जाने पर खाद्य एवं रसद विभाग ने कार्यवाही
ललितपुर। कस्बा जाखलौन में प्राईवेट गोदामों में मिले सकरारी खाद्यान्न की बोरियों के प्रकरण मेंं लापरवाही बरतने व प्रथम दृष्टयता में दोषी पाये जाने पर खाद्य एवं रसद विभाग लखनऊ ने जिला पूर्ति निरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जिला पूर्ति अधिकारी पर कार्यवाही के लिये  शासन को  रिर्पोट भेज दी है।
उल्ललेखनीय है कि जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह के निर्देशन में खाद्यान्न की कालाबाजारी करने की प्राप्त सूचना के आधार पर 8 अगस्त  को करीब उप जिलाधिकारी सदर गजल भारद्वाज 11 बजे पुलिस बल के साथ कस्बा जाखलौन निवासी अशोक कुमार जैन पुत्र निर्मल कुमार जैन के प्राईवेट दो गोदाम पर पहुंची। जहां पर लगभग 4 हजार सरकारी बोरियों में गेंहू व चावल पाया गया, जिसकी वीडियोग्राफी भी करायी गई थी। पूछताछ के दौरान अशोक जैन द्वारा न तो कोई संतोषजनक उत्तर दिया गया था और नहीं ही खरीद का कोई प्रपत्र दिखा सके थे। अवैध भण्डारण पाये जाने पर उप जिलाधिकारी द्वारा तत्काल नायब तहसीलदार एवं क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक अशोक कुमार एवं संजय यादव, सचिव कृषि उत्पादन मण्डी समिति ललितपुर को मौके पर बुलाया गया। पर्याप्त सूचना के बावजूद भी पूर्ति निरीक्षक अशोक कुमार करीब 2 घण्टे बाद करीब 1:30 बजे कस्बा जाखलौन पहुंचे, जबकि ललितपुर से जाखलौन की दूरी मात्र 17 किलोमीटर ही है। जांच आख्या के अनुसार पूर्ति निरीक्षक अशोक कुमार न केवल विलम्ब से पहुंचे अपितु जांच में अपेक्षिक सहयोग प्रदान न कर, व्यवधान उत्पन्न किया जाना पाते हुए उप जिलाधिकारी द्वारा कार्यवाही की संस्तुति की गई है। पूर्ति निरीक्षक अशोक कुमार द्वारा अपने पदीय दायित्वों का निर्वाहन नहीं किया गया, जो सरकारी सेवक आचरण नियमावली 1965 में निहित प्राविधानों का उल्लंघन है। जिसके चलते   पूर्ति निरीक्षक अशोक कुमार को सरकारी सेवक आचरण नियमावली 1965 में निहित प्राविधानों का उल्लंघन का प्रथम दृष्टया दोषी पाये जाने पर  आयुक्त खाद्य एवं रसद विभाग लखनऊ ने तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर विभागीय कार्यवाही संस्थित की है। जबकि जिला पूर्ति अधिकारी पर भी कार्यवाही के लिये शासन को रिर्पोट भेजी है।
डीएसओ द्वारा  कार्यवाही  ने करते पर  कोटेदार  करते  है  मनमानी
जनपद एवं ग्रामीण क्षेत्रों मेंं कोटेदार द्वारा खाद्यान्न वितरण मेंं मनमानी करने व उपभोक्ताओं के साथ अभद्रता करने के कई मामले प्रतिदिन जिलाधिकारी के समक्ष आते है। उपभोक्ताओं द्वारा यह भी आरोप लगायें  गये है  कि डीएसओं से कई बार शिकायतें करने के बाद भी उन पर कोई कार्यवाही नही की जाती है।  जिसके चलते कोटेदार खाद्यान्न  वितरण प्रणाली में मनमानी करते है। विरोध करने पर अभद्रता की जाती है एवं खाद्यान्न नही दिया जाता है। पिछले दिनोंं तो कई शिकायते ऐसी भी आई कि जिनमें कोटेदार द्वारा  उपभोक्ताओं को जान  से मारने की धमकी दी गयी। इसकी  शिकायती जब डीएसओ से की गयी तो डीएसओ ने कोटेदार पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही नही की। मजबूरन उपभोक्ताओं को जान माल की सुरक्षा हेतु जिलाधिकारी की शरण लेनी पड़ी।

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