शैक्षणिक भ्रमण में बीयू कृषि विज्ञान के विद्यार्थियों ने समझीं एकीकृत कृषि की नवीनतम तकनीकें

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झांसी। बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय परिसर में संचालित कृषि विज्ञान संस्थान के छात्र-छात्राओं ने अपने शैक्षणिक भ्रमण के दौरान गोविंद वल्लभ पन्त कृषि एवं प्रौधोगिकी विश्वविद्यालय, पन्तनगर एवं केन्द्रीय औषधि एवं सुगंध पादप संस्थान में विभिन्न प्रकार की शोध एवं नवीन तकनीकों के बारे में जानकरी प्राप्त की।
बुन्देलखंड विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान संस्थान के बीएससी कृषि चतुर्थ वर्ष के 46 छात्रों और 15 छात्राओं का एक दल शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के तहत सहायक प्राध्यापक डा.सन्तोष पाण्डेय के नेतृत्व में देश ख्यातिलब्ध गोविंद वल्लभ पन्त कृषि एवं प्रौधोगिकी विश्वविद्यालय पन्तनगर एवं केन्द्रीय औषधि एवम सुगंध पादप संस्थान, के रानीचैरी केंद्र का 6 से 11 सितम्बर तक भ्रमण किया।
दल नायक डा.सन्तोष पाण्डेय ने जानकारी दी कि कृषि के छात्रों के पाठयक्रम में शैक्षणिक भ्रमण अनिवार्य है। शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से छात्र-छात्राओं को विभिन्न शोध केन्द्रांे तथा विभागांे में प्रयुक्त कृषि क्षेत्र में प्रयक्त की जा रही नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी जाती है। डा. पाण्डेय ने बताया कि विद्यार्थियों ने पन्तनगर कृषि विश्वविद्यालय में चल रहे कृषि विज्ञान में नवीनतम शोध क्षेत्र एकीकृत कृषि के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बताया कि इंटीग्रेटेड फार्मिंग या एकीकृत खेती या एकीकृत फार्म प्रबंधन एक संपूर्ण खेत प्रबंधन प्रणाली है जिसका उद्देश्य अधिक टिकाऊ कृषि प्रदान करना है। यह एक गतिशील दृष्टिकोण है जिसे दुनिया भर में किसी भी कृषि प्रणाली पर लागू किया जा सकता है। इंटीग्रेटेड फार्मिंग किसी दिए गए साइट और स्थिति के अनुसार पारंपरिक साधनों के साथ आधुनिक उपकरणों और प्रौद्योगिकियों के सर्वश्रेष्ठ को जोड़ती है। जिसके द्वारा एक छोटे से स्थान या भूमि में खेती के कई तरीकों का उपयोग करना।
डा. पाण्डेय ने कहा कि इस प्रणाली में खेती के साथ-साथ बागवानी, भेड़, बकरी, सूकर, मत्स्य, कुकुट पालन आदि के साथ वायु रोधी पौधे जैसे पापुलर, सागौन, शीशम आदि मूल्यवान के लगाने से किसानों की आय में वृद्धि भी सम्भव होती है। इसके अतिरिक्त सुगंध एवम औसधीय के साथ इमारती पौधों के पौध तैयार करने की प्रायोगिक तकनीक के बारे में प्रत्येक छात्र ने गंभीरता से जानकारी प्राप्त की। स्वावलंबन के लिए मशरूम की खेती के से लाभ के गुऱ भी अर्जित किये। डा. जय नारायण तिवारी सहायक प्राध्यापक उद्यान विभाग, श्रीमती वंदना पाण्डेय, और रोमा, आभा मिश्रा, वर्तिका, वैष्णवी, वर्षा, बबली घोष, कौशलेंद्र, एजाज, रविकांत, मनोज गगन आशुतोष आदि छात्रों ने भ्रमण में प्रतिभाग किया।

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