सबसे पहले आवारा पशु मुक्त बनने वाले शहर को एक करोड़ रुपये की राशि से पुरस्कृत किया जाना चाहिए : जयवर्द्धन सिंह

0
295
  • स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 के संभागीय कार्यशाला में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्द्धन सिंह ने किए विचार व्यक्त
  • कार्यशाला में महापौर आलोक शर्मा, भारत सरकार के संयुक्त सचिव वी.के. जिंदल, प्रमुख सचिव संजय दुबे, स्टेट संचालक मनीष सिंह व निगम आयुक्त विजय दत्ता की उपस्थिति में आयोजित हुई कार्यशाला
    भोपाल। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा है कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में प्रदेश के सभी शहर उत्कृष्ट स्वच्छता का प्रदर्शन करें और अपने मध्यप्रदेश को भी ओवर आॅल रेटिंग में नंबर 01 बनाए। श्री सिंह ने कहा कि स्वच्छता सबकी आवश्यकता है और सभी का कार्य है इसके लिए सबको प्रयास करना चाहिए। सरकार द्वारा इसके लिए सर्वाधिक राशि दी जाएगी और किसी प्रकार की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। श्री सिंह ने यह विचार राजधानी भोपाल में स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 विषय पर आयोजित भोपाल, ग्वालियर एवं सागर संभाग के नगरीय निकायों की संभागीय कार्यशाला के समापन सत्र में व्यक्त किए। श्री सिंह ने कहा कि हमें शहरों को आवारा पशुओं से भी मुक्त करना है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में जो शहर सबसे पहले आवारा पशु मुक्त शहर बने उसे एक करोड़ रुपये की राशि पुरस्कार स्वरूप दी जानी चाहिए। इस मौके पर महापौर आलोक शर्मा ने कहा कि स्वच्छता एक दिन का काम नहीं है यह लगातार चलने वाली प्रक्रिया है इसे हमें और अधिक बेहतर से बेहतर ढंग से सुनिश्चित करना है और पिछली कमियों को दूर करते हुए अपने शहर को नंबर 01 बनाना है। कार्यशाला के समापन सत्र में स्पाॅट फाईन की कार्यवाही को पारदर्शिता एवं सुरक्षित ढंग से सम्पादित करने हेतु भोपाल नगर निगम के स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों को पी.ओ.एस. मशीने भी मंत्री जयवर्द्धन सिंह एवं महापौर आलोक शर्मा ने वितरित की। एक्सेस बैंक द्वारा कार्पोरेट सोशल रिस्पांसिब्लिटी के तहत निःशुल्क उपलब्ध कराई गई पी.ओ.एस. मशीनों का कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में भारत सरकार के शहरी विकास एवं आवासन विभाग के संयुक्त सचिव वी.के.जिंदल ने लोकार्पण किया था।
    इस अवसर पर प्रमुख सचिव नगरी विकास एवं आवास संजय दुबे, स्वच्छ भारत मिशन के स्टेट डायरेक्टर मनीष सिंह, निगम आयुक्त विजय दत्ता, नगर निगम में प्रतिपक्ष मो.सगीर के अलावा स्वच्छ भारत मिशन के अनिल प्रकाश, नगर निगम उज्जैन की आयुक्त सुश्री प्रतिभा पाल के अलावा भोपाल, ग्वालियर, चंबल एवं सागर संभागों के नगरीय निकायों के महापौर, पार्षद, जनप्रतिनिधि, मुख्य नगर पालिका अधिकारी व अन्य अधिकारी मौजूद थे।
    कार्यशाला में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्द्धन सिंह ने भोपाल की भानपुर खंती पर 35 वर्ष से डल रहे कचरे के वैज्ञानिक निष्पादन एवं भानपुर खंती को हरित क्षेत्र में परिवर्तित करने की प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि अब वहां पर बड़ा पार्क बनने जा रहा है। श्री सिंह ने कहा कि जिन शहरों के अंदर ट्रेनचिंग ग्राउंड है वह उन्हें तत्काल शहर के बाहर शिट करने की योजना बनाएं ताकि शहर भी साफ हो और नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव न पडे। श्री सिंह ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत तकनीकी का पूरा उपयोग किया जाए और एम.आई.एस के माध्यम से भी बिन्दुओं पर सावधानीपूर्वक जानकारी अंकित करें साथ ही कचरे का पृथक्कीकरण एवं एकत्रीकरण व निष्पादन बेहतर ढंग से निर्धारित प्रक्रियानुसार किया जाए। श्री सिंह ने शहर के नाला-नालियों, तालाबों, जलाशयों को साफ रखने की हिदायत भी दी ताकि जलजनित रोगों से निजात मिल सके।
    इस अवसर पर महापौर आलोक शर्मा ने कहा कि महात्मा गांधी के बाद देश में स्वच्छता की यदि किसी ने बात की है तो वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की है और उनके इस अभियान की तो शुरूआत में लोगों ने आलोचना की लेकिन धीरे-धीरे स्वच्छता की अलख जगी और अब शहरों में स्वच्छता की होड लगी है। आलोक शर्मा ने स्वच्छताकर्मियों द्वारा विषम परिस्थितियों में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए आव्हान कि हमें अपने स्वच्छता मित्रों का सम्मान करना चाहिए और उनके मनोबल को बढ़ाने हेतु कम से कम एक कप चाय भी उन्हें आॅफर करें।
    स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 विषय पर संभागीय कार्यशाला का आयोजन बुधवार को स्थानीय मिंटो हाॅल में किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन भारत सरकार के शहरी विकास एवं आवासन मंत्रालय के संयुक्त सचिव वी.के.जिंदल ने अन्य अतिथियों की उपस्थिति में दीप प्रज्वलित कर किया। श्री जिंदल ने इस मौके पर कहा कि मध्यप्रदेश के शहरों में स्वच्छ सर्वेक्षण में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है और अब मध्यप्रदेश के शहरों विशेषकर इन्दौर की चर्चा राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। यह एक अनुकरणीय उदाहरण है। श्री जिंदल ने कहा कि स्वच्छता किसी जाति, धर्म आदि का कार्य नहीं है बल्कि यह हम सबके लिए आवश्यक है। श्री जिंदल ने शहरों को प्लास्टिक फ्री बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि प्लास्टिक से मुक्ति के लिए रहवासी संघों, बाजारों एवं संस्थानों में प्रतिस्पर्धाएं आयोजित की जाना चाहिए। संयुक्त सचिव श्री जिंदल ने प्लास्टिक का उपयोग बंद करने की दिशा में नगर निगम भोपाल द्वारा कैरी-याॅर-आॅन बाॅटल/बैग अभियान एवं प्लास्टिक कचरे के निष्पादन के भोपाल माॅडल की सराहना करते हुए इन्हें अन्य शहरों को भी अपनाने को कहा। श्री जिंदल ने कहा कि खुले में शौच से मुक्त शहरों को अपना दर्जा बरकरार रखना है और व्यक्तिगत व सामुदायिक शौचालयों के निर्माण को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराए और इसमें जो भी आवश्यकताएं है उनके लिए प्रस्ताव भेजे। हम तत्काल ऐसे प्रस्ताव स्वीकृत करेगें और पैसे की कमी नहीं आने दी जाएगी।
    कार्यशाला के प्रारंभिक सत्र में निगम आयुक्त विजय दत्ता ने अपने स्वागत उद्बोधन दिया और स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु भोपाल नगर निगम द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं नवाचारों के बारे में प्रस्तुतिकरण भी दिया। श्री दत्ता ने ट्वीन बिन अभियान, कैरी-याॅर-आॅन बाॅटल, पुराने कपड़ों से थैले बनाने, किताब घर, गोल्डन लीफ आदि योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी साथ ही कहा कि हम भोपाल के बोट क्लब को आने वाले समय में प्लास्टिक फ्री एरिया बनाएंगे।
    कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में प्रमुख सचिव नगरी विकास एवं आवास संजय दुबे ने कहा कि शहरीय क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन का लक्ष्य हर शहर को साफ-स्वच्छ बनाने के साथ ही ठोस अपशिष्ट का बेहतर प्रबंधन एवं सभी घरों में शौचालय उपलब्ध कराने का है। श्री दुबे ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के सभी कार्यों को अपने-अपने निकायों को व्यवस्थित ढंग से पूरी संजीदगी के साथ अपनाए। विभिन्न स्तरों पर स्वच्छता की प्रतिस्पर्धाएं आयोजित करें और जीरो वेस्ट वार्ड बनाए। श्री दुबे ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत छोटे-छोटे कार्य करें और अपने अंक बढ़ाएं। उन्होंने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने और उसके जल का उपयोग करने पर भी जोर दिया।
    नेता प्रतिपक्ष मो.सगीर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा प्रारंभ किए गए स्वच्छ भारत मिशन को स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर कदम निरूपित करते हुए कहा कि भोपाल शहर भारत में स्वच्छता में नंबर 02 पर आया परंतु कहीं न कहीं स्वच्छता में कमी रहने के कारण हम देश का सबसे स्वच्छ शहर नहीं बना पाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम के प्रयास सराहनीय है और शहर के नागरिक स्वच्छता के प्रति जागरूक हो गए है। इस वर्ष हम सब मिलकर प्रयास करेंगे कि हमारा शहर देश का सबसे स्वच्छ शहर बने। श्री सगीर ने कहा कि शहर की स्वच्छता में अन्य विभागों को भी सहयोग करना चाहिए।
    कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में स्पाॅट फाईन हेतु पी.ओ.एस. मशीनों का लोकार्पण किया गया साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण अंतर्गत भोपाल के स्वच्छता गीत की सी.डी. का विमोचन, किताब घर योजना के तहत 05 पुस्तकालय में बुक बैंक की योजना का शुभारंभ एवं स्वच्छता कर्मचारियों को प्रदान किए जाने वाले हेल्थ कार्ड का विमोचन भी किया गया। इस मौके पर नगर निगम भोपाल ने एक और नवाचार किया जिसके तहत गाय के गोबर के गमलों में लगे पौधे अतिथियों को भेंट कर उनका सम्मान किया साथ ही स्मृति चिन्ह भी भेंट किए गए।
    कार्यशाला के तकनीकी सत्र में स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 की समग्र प्रविधि का प्रस्तुतिकरण स्वच्छ भारत मिशन के स्टेट डायरेक्टर मनीष सिंह द्वारा किया गया जबकि स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में एम.आई.एस. की भूमिका पर ललितेश द्वारा प्रस्तुतिकरण देकर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। अनिल प्रकाश ने स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 के संबंध में परिचयात्मक चर्चा एवं स्टार रेटिंग प्रोटोकाॅल की जानकारी दी। सुश्री निवेदिता ने ओ.डी.एफ. के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिया एवं फीकल स्लज मेनेजमेंट की जानकारी विज्ञाशंकर एवं कार्तिकेय ने स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 के अंतर्गत सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास संस्था की आयोजनाएं विषय पर प्रस्तुतिकरण दिया। तकनीकी सत्र में प्रत्येक प्रस्तुतिकरण के बाद उपस्थितजन ने प्रश्नोत्तर भी किए।
    कार्यशाला में नगर निगम के अपर आयुक्तगण कमल सोलंकी, राजेश राठौर, मयंक वर्मा, रणबीर कुमार, पवन सिंह, उपायुक्तगर्ण हरीश गुप्ता, हर्षित तिवारी, विनोद कुमार शुक्ल, सहायक आयुक्त श्रीमती संध्या चतुर्वेदी एवं निगम के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here